Archive | Hindi Kavita RSS for this section

योग सार्थक है तभी, जब द्वैत एकाकार हो,

योग सार्थक है तभी,

जब द्वैत एकाकार हो,

मैं रहूँ या ना रहूँ,
तुमको मुझसे प्यार हो,,

hindi poety by vivek rajpoot, Hindi poet

हिन्दी कविता, द्वारा विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

by – Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com

कृश कोमल, कंचन काया, शीतल यूँ, ज्यूँ चन्दन छाया,,

कृश कोमल, कंचन काया,
शीतल यूँ, ज्यूँ चन्दन छाया,,

चंचल दृग ज्यूँ हो शावक के,
अधर पूरित है पावक से,,
कौन ! ये खन्डित गागर में,
सृष्टि का सृजन कर लाया,,

कृश कोमल, कंचन काया ॰॰॰

विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

Hindi poet, hindi poetry, Hindi Poem, Hindi Kavita

 A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

by – Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com

चाँद मेरा तू संग ले गयी, अम्बर सूना छोड चली,

चाँद मेरा तू संग ले गयी,

अम्बर सूना छोड चली,,

सपन सलौने सजे थे जिसमें,

वो ही घरौंदा तोड चली,,

राधा के संग कान्हा ने,

जमुना तट रास रचाए है,,
शाम ढले भी श्याम ना आए,
मीरा ने दीप जलाए है,,
बन में ढूंढती फिरे है पगली,
मन्दिर सूना छौड चली,

चाँद मेरा तू संग ले गयी,

अम्बर सूना छोड चली,,

विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

Hindi Poet, Hindi Poem, Hindi Poetry, Hindi Kavi

 A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com

नया ये दौर है लेकिन, वही किस्से पुरानें हैं। मुहब्बत के जमाने थे, मुहब्बत के जमानें हैं।।

नया ये दौर है लेकिन, वही किस्से पुरानें हैं।
मुहब्बत के जमाने थे, मुहब्बत के जमानें हैं।।

मेरे गीतों में जो तुमने सुने यादों के किस्से है।
मुहब्बत के तरानें तो अभी तुमको सुनाने हैं।।

विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

Hindi poet, hindi Poetry, hindi poem, Hindi Kavi

 A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com

आंचल मे ढक लो चेहरा, मेरी आँख जल रही है,, मांथे की तेरे बिन्दिया, शोलों सी लग रही है॰॰॰

आंचल मे ढक लो चेहरा, मेरी आँख जल रही है,,
मांथे की तेरे बिन्दिया, शोलों सी लग रही है॰॰॰

तुम्हारा सिंगार आधा, आधा हो प्यार मेरा ,,
ये रूप ऐसे निखरे, जंगल का ज्यूँ सवेरा,,
गेसू सम्भालों अपने, मेरी सांझ ढल रही है,,

आंचल मे ढक लो चेहरा, मेरी आँख जल रही है ॰ ॰ ॰ ॰

विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

Hindi Poet, Hindi Poem, Hindi Poetry, Hindi Kavita

 A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

by – Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com

उसकी तस्वीर जो चन्द बरसों पुरानी देखी, हीर रांझे की मैने उसमें दीवानी देखी,,

उसकी तस्वीर जो चन्द बरसों पुरानी देखी,
हीर रांझे की मैने उसमें दीवानी देखी,,
कल जो मद्मस्त थी सावन की घटा के जैसी,
आज देखी तो लगा बदली सयानी देखी,,

विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

hindi poet, hindi poem, hindi kavi, hindi poetry

 A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com

तुम्हीं से प्यार करता हूँ, ना जाने मैं भला कब से,,

तुम्हीं से प्यार करता हूँ, ना जाने मैं भला कब से,,
ना जीता हूँ ना मरता हूँ,, ना जाने मैं भला कब से,,
कदम रखा है तुमने, जब से इस दहलीज़ पे दिल की,,
उसी एक पल में रहता हूँ, ना जाने मैं भला कब से,,

(मुक्तक)  Muktak

विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

Hindi Poet, Hindi Poetry, Hindi Poem

 A Collection Hindi Poems, Hindi Geet, Hindi Poetry, Shayari & Ghazals

by  Vivek Rajpoot, Hindi Poet

 हिन्दी कविता, हिन्दी काव्य, हिन्दी गीत, शायरी व गज़लों का संग्रह

 द्वारा – विवेक राजपूत, हिन्दी कवि

For More Visit – www.vivekrajpoot.com